(1) कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
उत्तर: • काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है कविता में पंक्तियाँ “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन” स्पष्ट रूप से बताती हैं कि काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है। अन्य विकल्प कविता के आधार पर सत्य नहीं हैं, क्योंकि काँटा सुगंध नष्ट करने, तितलियों-भौंरों को आकर्षित करने या पौधे को हानि पहुँचाने के बारे में कविता में उल्लेख नहीं है।
(2) कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
उत्तर: • फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं। • फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं। कविता में कहा गया है कि फूल और काँटा एक ही पौधे पर जन्म लेते हैं और उन्हें समान चाँदनी, हवा, और वर्षा मिलती है, लेकिन उनके स्वभाव और व्यवहार अलग हैं। “फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का” भी सही हो सकता है, लेकिन यह प्रतीकात्मक व्याख्या है, जबकि दिए गए विकल्पों में पहला और दूसरा अधिक प्रत्यक्ष रूप से कविता की पंक्तियों से मेल खाते हैं।
(3) कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
उत्तर: • व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं। कविता की अंतिम पंक्तियाँ “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर” स्पष्ट करती हैं कि बड़प्पन व्यक्ति के गुणों और कर्मों पर निर्भर करता है, न कि केवल कुल की प्रतिष्ठा पर। अन्य विकल्प कविता के संदेश से मेल नहीं खाते।
(4) कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
उत्तर: • बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है। कविता में फूल और काँटे के माध्यम से यह बताया गया है कि बड़प्पन व्यक्ति के व्यवहार, गुणों, और कर्मों से निर्धारित होता है, न कि धन, ताकत या कुल के नाम से। कविता की पंक्तियाँ “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर” और “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर” इस बात को रेखांकित करती हैं।
(ख) हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रो साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
उत्तर: मैंने उपरोक्त उत्तर इसलिए चुने क्योंकि:
प्रश्न 1: कविता में काँटे के नकारात्मक कार्यों (उँगलियाँ छेदना, वस्त्र फाड़ना, तितलियों और भौंरों को नुकसान पहुँचाना) का स्पष्ट उल्लेख है। अन्य विकल्प कविता की पंक्तियों से मेल नहीं खाते।
प्रश्न 2: कविता में फूल और काँटे की समानताओं (एक ही पौधे पर उगना, समान प्राकृतिक देखभाल) और विभिन्नताओं (स्वभाव और प्रभाव में अंतर) को स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है। इसलिए, दोनों विकल्प सटीक हैं।
प्रश्न 3: कविता का मुख्य संदेश यह है कि व्यक्ति का सम्मान उसके कर्मों से होता है, न कि केवल कुल से। यह अंतिम पंक्तियों से स्पष्ट है।
प्रश्न 4: कविता बड़प्पन को गुणों और कर्मों से जोड़ती है, न कि धन, ताकत या कुल से। यह संदेश कविता के प्रतीकात्मक अर्थ और अंतिम पंक्तियों से मिलता है। अपने मित्रों के साथ चर्चा में, मैं इन बिंदुओं को कविता की पंक्तियों के साथ जोड़कर समझाऊँगा और उनके चुने हुए उत्तरों के कारण जानने की कोशिश करूँगा ताकि हम एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझ सकें।
पाठ में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और लिखिए-
(क) “मेह उन पर है बरसता एक सा,
एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें,
ढंग उनके एक से होते नहीं।”
एक सी उन पर हवायें हैं बही। पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।”
अर्थ और विचार: इन पंक्तियों में कवि कहता है कि फूल और काँटा, दोनों एक ही पौधे पर उगते हैं और दोनों को प्रकृति से समान देखभाल मिलती है, जैसे एक जैसी वर्षा (मेह) और एक जैसी हवाएँ। लेकिन इसके बावजूद, उनके स्वभाव और व्यवहार में बहुत अंतर होता है। फूल अपनी सुंदरता और सुगंध से सबको आकर्षित करता है, जबकि काँटा चुभता और नुकसान पहुँचाता है। यह पंक्ति जीवन के एक गहरे दर्शन को दर्शाती है कि एक ही परिस्थितियों में पलने वाले लोग या चीजें अपने गुणों और कर्मों के कारण अलग-अलग प्रभाव डालते हैं। यह हमें सिखाता है कि परिस्थितियाँ चाहे समान हों, व्यक्ति का स्वभाव और कर्म ही उसे विशिष्ट बनाते हैं।
समूह में साझा करने के लिए: मैं अपने समूह के साथ इस बात पर चर्चा करूँगा कि यह पंक्ति हमें व्यक्तिगत गुणों और कर्मों के महत्व को समझाती है। उदाहरण के तौर पर, हम एक ही परिवार या स्कूल में पढ़ने वाले लोगों की तुलना कर सकते हैं, जो समान अवसर पाते हैं, लेकिन उनके व्यवहार और कार्यों के कारण उनकी पहचान अलग होती है। मैं पूछूँगा कि क्या मेरे साथी इस बात से सहमत हैं कि परिस्थितियाँ नहीं, बल्कि हमारा व्यवहार हमें परिभाषित करता है।
(ख) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे,
जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।
अर्थ और विचार: इस पंक्ति में कवि कहता है कि केवल कुल (परिवार) की प्रतिष्ठा या नाम से कोई व्यक्ति सम्माननीय नहीं बन सकता, अगर उसमें व्यक्तिगत गुणों, स्वभाव, और कर्मों की कमी (बड़प्पन की कसर) हो। यह पंक्ति इस बात पर जोर देती है कि सच्चा बड़प्पन व्यक्ति के अपने आचरण और कार्यों से आता है, न कि केवल उसके परिवार के नाम या प्रतिष्ठा से। यह एक नैतिक संदेश देती है कि हमें अपने कर्मों और गुणों से अपनी पहचान बनानी चाहिए।
समूह में साझा करने के लिए: मैं अपने समूह के साथ इस पंक्ति के अर्थ पर चर्चा करूँगा और उदाहरण दूँगा, जैसे कि एक प्रसिद्ध परिवार का व्यक्ति जो गलत कार्य करता है, वह सम्मान खो देता है, जबकि एक साधारण परिवार का व्यक्ति अपने अच्छे कर्मों से सम्मान प्राप्त करता है। मैं अपने साथियों से पूछूँगा कि क्या वे ऐसे उदाहरण जानते हैं, जहाँ किसी ने अपने गुणों से अपनी पहचान बनाई, भले ही उसका परिवार प्रसिद्ध न हो। साथ ही, हम इस बात पर विचार करेंगे कि बड़प्पन को कैसे मापा जाना चाहिए।
इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ के उदाहरण द्वारा लोगों के स्वभावों के अंतर और समानताओं की ओर संकेत किया गया है। दूसरे शब्दों में, ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए कि फूल और काँटा किस-किस के प्रतीक हो सकते हैं। इन्हें उपयुक्त प्रतीकों से जोड़िए-
उत्तर:-
(क) कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
उत्तर: कविता में फूल और काँटे की समानताओं का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि:
(ख) आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
उत्तर: फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य अंतर यह है कि:
(ग) कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर: कविता का मुख्य संदेश यह है कि व्यक्ति का सम्मान और बड़प्पन उसके अपने गुणों, स्वभाव, और कर्मों से निर्धारित होता है, न कि केवल उसके कुल या परिवार की प्रतिष्ठा से। फूल और काँटे के प्रतीक के माध्यम से कवि बताता है कि भले ही दोनों को समान परिस्थितियाँ मिलें, लेकिन उनके स्वभाव और कार्यों के कारण लोगों का उनके प्रति व्यवहार अलग होता है। फूल की तरह अच्छे गुणों वाला व्यक्ति सभी को प्रिय होता है, जबकि काँटे की तरह कठोर स्वभाव वाला व्यक्ति लोगों को परेशान करता है। अंत में, कविता यह सिखाती है कि सच्चा बड़प्पन कर्मों से आता है, न कि केवल कुल के नाम से।
(घ) “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि अगर किसी व्यक्ति में गुणों, स्वभाव, और अच्छे कर्मों की कमी (बड़प्पन की कसर) है, तो केवल उसके कुल की प्रतिष्ठा उसके किसी काम की नहीं होती।
उदाहरण: मान लीजिए एक व्यक्ति बहुत प्रसिद्ध और अमीर परिवार से है, लेकिन वह स्वभाव से कठोर है, दूसरों को दुख पहुँचाता है, और बुरे कार्य करता है। ऐसे में लोग उसके परिवार का नाम सुनकर उसका सम्मान नहीं करेंगे, बल्कि उसके बुरे व्यवहार के कारण उससे दूरी बनाएँगे। वहीं, एक साधारण परिवार का व्यक्ति जो अपने अच्छे कार्यों, जैसे दूसरों की मदद करना, दया और प्रेम दिखाना, से सबका दिल जीत लेता है, वह सच्चा सम्मान पाता है। इससे पता चलता है कि बड़प्पन कुल से नहीं, बल्कि व्यक्ति के अपने कर्मों से आता है।
(ङ) “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
उत्तर: इस पंक्ति में “है खटकता एक सब की आँख में” से काँटे की बात हो रही है, जो अपनी कठोरता और चुभने वाले स्वभाव के कारण लोगों को परेशान करता है। वहीं, “दूसरा है सोहता सुर शीश पर” से फूल का उल्लेख है, जो अपनी सुंदरता और सुगंध के कारण लोगों के सिर पर सजाया जाता है और सभी को पसंद आता है।
1. लोग फूल जैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं, जो दयालु, कोमल, प्रेमपूर्ण, और सकारात्मक होते हैं। ऐसे लोग दूसरों को सुख देते हैं, उनकी मदद करते हैं, और अपने व्यवहार से सबको खुश रखते हैं।
2. लोग काँटे जैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं, जो कठोर, क्रोधी, और नकारात्मक होते हैं। ऐसे लोग अपने व्यवहार से दूसरों को चोट पहुँचाते हैं, परेशान करते हैं, और दुख का कारण बनते हैं। इसलिए, लोग अच्छे स्वभाव वालों को पसंद करते हैं और बुरे स्वभाव वालों से बचते हैं।
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द अपने समूह में चर्चा करके लिखिए-
उत्तर:–
नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं जो किसी भाव को व्यक्त करते हैं। इनमें से जो शब्द ‘बड़प्पन’ के भाव व्यक्त करते हैं, उन पर एक गोला बनाइए, जो बड़प्पन का भाव व्यक्त नहीं करते हैं, उनके नीचे रेखा खींचिए।
उत्तर:–
(क) अपने समूह के साथ मिलकर इन विशेषताओं की सूची बनाइए। अपने समूह की सूची को कक्षा में सबके साथ साझा कीजिए।
कविता “फूल और काँटा” में निम्नलिखित विशेषताएँ देखी जा सकती हैं। ये विशेषताएँ कविता की भाषा, शैली, और संरचना से संबंधित हैं। अपने समूह के साथ चर्चा करके निम्नलिखित सूची बनाई जा सकती है, जिसे कक्षा में साझा किया जा सकता है:
1. प्रतीकात्मकता (प्रतीक का उपयोग): कविता में फूल और काँटा दो प्रतीकों के रूप में प्रयुक्त हुए हैं, जो मानव स्वभाव की अच्छाई और बुराई को दर्शाते हैं। उदाहरण: “फूल लेकर तितलियों को गोद में” (फूल अच्छाई का प्रतीक) और “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ” (काँटा बुराई या कठोरता का प्रतीक)।
2.तुकबंदी (तुकांत): कविता की पंक्तियाँ तुकबंदी के साथ लिखी गई हैं, जो इसे लयबद्ध बनाती हैं। उदाहरण: “है जन्म लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता” (पालता और डालता में तुक)।
3. अलंकार (रूपक और उपमा): कविता में रूपक और उपमा का प्रयोग है। जैसे, “प्यार-डूबी तितलियों” में उपमा का प्रयोग और फूल-काँटे का प्रतीकात्मक उपयोग रूपक को दर्शाता है।
4. संक्षिप्त ध्वनि प्रयोग: कुछ शब्दों की अंतिम ध्वनि को कविता की Gamerलय के लिए संक्षिप्त किया गया है। उदाहरण: “और” को “औ” लिखा गया है।
विरोधाभास: फूल और काँटे के विपरीत स्वभाव को दर्शाकर विरोधाभास का उपयोग किया गया है। उदाहरण: “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर”।
5.प्रकृति का चित्रण: कविता में चाँदनी, हवा, और मेघ जैसे प्राकृतिक तत्वों का उपयोग किया गया है, जो कविता को जीवंत बनाते हैं। उदाहरण: “मेह उन पर है बरसता एक सा”।
6.नैतिक संदेश: कविता में यह संदेश दिया गया है कि व्यक्ति का बड़प्पन उसके कुल से नहीं, बल्कि उसके गुणों और कर्मों से तय होता है। उदाहरण: “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर”।
7.खड़ी बोली का प्रयोग: कविता खड़ी बोली में लिखी गई है, जो सरल और स्पष्ट है, फिर भी साहित्यिक शैली को बनाए रखती है।
8.भावात्मकता: कविता में भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सुंदर और प्रभावशाली शब्दों का चयन किया गया है। उदाहरण: “निज सुगंधों औ निराले रंग से, है सदा देता कली जी की खिला”।
9. सुझाव: समूह में इन विशेषताओं पर चर्चा करें और प्रत्येक विशेषता के लिए कविता से उदाहरण चुनें। कक्षा में साझा करते समय इन बिंदुओं को संक्षेप में प्रस्तुत करें और उदाहरणों के साथ समझाएँ।
(ख) नीचे इस कविता की कुछ विशेषताएँ और वे पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें ये विशेषताएँ झलकती हैं। विशेषताओं का सही पंक्तियों से मिलान कीजिए। आप कविता की पंक्तियों में एक से अधिक विशेषताएँ भी ढूँढ़ सकते हैं।
उत्तर:–
| 1 | एक ही वर्ण से शुरू होने वाले दो शब्द एक ही पंक्ति में साथ-साथ | “फूल लेकर तितलियों को गोद में” |
| 2 | मुहावरे का प्रयोग किया गया है | “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे” |
| 3 | प्रश्न पूछा गया है | “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर?” |
| 4 | प्राकृतिक वस्तुओं में मानवीय कार्यों/भावनाओं का वर्णन (मानवीकरण) | “भौर को अपना अनूठा रस पिला”, “फूल लेकर तितलियों को गोद में” |
| 5 | विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग | “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर” |
(क) आगे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें कुछ शब्द हटा दिए गए हैं और साथ में मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्द भी दिए गए हैं। इनमें से प्रत्येक शब्द से वह पंक्ति पूरी करके देखिए जो शब्द उस पंक्ति में जँच रहे हैं, उन पर घेरा बनाइए।
1. हैं जनम लेते जगह में एक ही,एक ही पौधा उन्हें है पालता रात में उन पर चमकता चाँद भी,एक ही सी चाँदनी है डालता
2. मेह उन पर है बरसता एक सा,एक सी उन पर हवाएँ हैं बही।पर सदा ही यह दिखाता है हमें,ढंग उनके एक से होते नहीं।
(ख) अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?
रात – सरल और लयबद्ध
चाँद – भावनात्मक और प्रचलित
मेह – कविता में प्रयुक्त
हवाएँ – सामान्य और लयबद्ध
(क) नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए –
उत्तर:–
| भौर का है बेध देता श्याम तन | श्याम | तन |
| फाड़ देता है किसी का वर बसन | वर | बसन |
| भौर को अपना अनूठा रस पिला | अनूठा | रस |
| निज सुगंधों औ निराले ढंग से | निराले | ढंग |
(ख) नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए –
आपकी बात
(क) यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
उत्तर:मैं फूल को चुनूँगा क्योंकि फूल दूसरों को प्रसन्नता, सुगंध और सुंदरता देता है। कविता में बताया गया है कि फूल अपने रंग और सुगंध से वातावरण को आनंदित कर देता है, जबकि काँटा चुभन और पीड़ा देता है। मैं भी चाहता हूँ कि मेरे स्वभाव से लोग खुश रहें, इसलिए फूल को चुनना बेहतर है।
(ख) कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर:मैं अपने परिवार और मित्रों की मदद करता हूँ, उनका आदर करता हूँ और समय-समय पर उनके साथ खुशियाँ बाँटता हूँ। जब वे दुखी होते हैं तो मैं उन्हें हँसाने की कोशिश करता हूँ। मैं उन्हें छोटे-छोटे उपहार देता हूँ, उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएँ देता हूँ और ज़रूरत पड़ने पर उनके साथ खड़ा रहता हूँ। भविष्य में मैं और अधिक समय उनके साथ बिताने, उनकी भावनाओं को समझने और हमेशा सकारात्मक रहने की कोशिश कर सकता हूँ।
(ग) ‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए।
उत्तर:– नमक और चीनी – एक नमकीन है, दूसरा मीठा, फिर भी दोनों रसोई में साथ होते हैं।-
शांत और क्रोधी व्यक्ति – दोनों एक ही परिवार या विद्यालय में हो सकते हैं।-
सुख और दुख – जीवन में दोनों आते हैं और इनका साथ रहना स्वाभाविक है।-
काला और सफेद रंग – दोनों विपरीत होते हुए भी एक चित्र या पोशाक में मिलते हैं।-
खट्टा-मीठा स्वाद – चटनी या आचार में दोनों का स्वाद एक साथ होता है।
(घ) “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।
उत्तर:मेरे आस-पास कूड़ा-कचरा फेंकने की समस्या है। लोग खुले में कचरा फेंक देते हैं जिससे गंदगी और बीमारियाँ फैलती हैं। यह समस्या काँटे जैसी चुभती है क्योंकि यह सबको प्रभावित करती है। इसका समाधान यह हो सकता है कि लोग कचरे को कूड़ेदान में डालें, नगर निगम समय से सफाई करे, और हम सभी सफाई के प्रति जागरूक बनें। स्कूलों और मोहल्लों में स्वच्छता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा सकता है।
नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों के चित्र दिए गए हैं जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं। चित्रों को सही नामों के साथ
रेखा खींचकर जोड़िए-
उत्तर: 1.बबूल
फूल –पीले या सफेद छोटे गुच्छेदार।
काँटे – लंबे और नुकीले ।
विशेषता – इसका उपयोग ईंधन, चारा और औषधियों में किया जाता है।
2. गुलाब
फूल- विभिन्न रंगों में, विशेष रूप से लाल, सफेद, और गुलाबी।
काँटे – तने पर छोटे और तीखे ।
विशेषता – सजावटी पौधा और इत्र बनाने के लिए प्रसिद्ध।
3.नागफनी
फूल – रंग-बिरंगे, पीले, नारंगी या गुलाबी।
काँटे – पूरी सतह पर छोटे या लंबे।
विशेषता – सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है और सजावटी पौधे के रूप में भी उगाया जाता है।
4.बेर
फूल- छोटे और हल्के पीले।
काँटे- शाखाओं पर छोटे-छोटे।
विशेषता- इसके फल खाद्य और औषधीय होते हैं।
5.करौंदा
फूल- छोटे, सफेद और सुगंधित।
काँटे- शाखाओं पर छोटे-छोटे और तीखे।
विशेषता- फूल सजावटी और मधुर सुगंध वाले होते हैं। इसके फल से अचार, जैम और जेली बनाई जाती हैं। यह शुष्क और पहाड़ी क्षेत्रों में उगता है।
6.नीबू
फूल- छोटे, सफेद और हल्की गुलाबी छाया लिए हुए। सुगंधित और गुच्छेदार।
काँटे- शाखाओं पर छोटे और तीखे काँटे।
विशेषता- फल खट्टे और विटामिन सी से भरपूर होते हैं। इनका उपयोग पेय पदार्थ, अचार, औषधियों और खाना बनाने में किया जाता है।
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