(क) नीचे दिए गए प्रश्नों का सटीक उत्तर कौन-सा है? उसके सामने तारा (☆) बनाइए
(1) निम्नलिखित में से कौन-सी बात इस कविता में मुख्य रूप से कही गई है?
भलाई के कार्य करते रहना
दीपावली के दीपक जलाना
बल्ब आदि जलाकर अंधकार दूर करना
तिमिर मिलने तक नाव चलाते रहना
उत्तर – ☆भलाई के कार्य करते रहना
(2) “जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की, चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी” यह वाक्य किससे कहा गया है?
तूफ़ान से
मनुष्यों से
दीपकों से
तिमिरों से
उत्तर – ☆ मनुष्यों से
(ख) अब अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
उत्तर –
इस कविता में अंधेरा मिटाकर उजियाला फैलाने की बात की गई है। कवि कहते है की हमे सभी प्रकार के अंधेरे को मिटाना चाहिए। इस कविता में मनुष्यों को कहा है कि तुमने ही पहला दिया जलाया था।
कविता में से चुनकर कुछ शब्द यहाँ दिए गए हैं। अपने समूह में इन पर चर्चा कीजिए और इन्हें इनके सही अर्थों या संदर्भों से मिलाइए। इसके लिए आप शब्दकोश, इंटरनेट या अपने शिक्षकों की सहायता ले सकते हैं।
उत्तर –
| शब्द | अर्थ या संदर्भ |
| अमावस | अमावस्या, जिस चंद्रमा दिखाई रात आकाश में नहीं देता। |
| पूर्णिमा | पूर्णमासी, वह तिथि जिस रात चंद्रमा पूरा दिखाई देता है। |
| विद्युत दिए | विद्युत दिये अर्थात बिजली से जलने वाले दीपक, बल्ब आदि उपकरण। |
| युग | समय, काल, युग संख्या में चार माने गए हैं – सत्ययुग (सतयुग), त्रेता युग, द्वापर युग और कलियुग। |
कविता में से चुनकर कुछ पंक्तियाँ नीचे दी गई हैं। इन्हें ध्यान से पढ़िए और इन पर विचार कीजिए। आपको इनका क्या अर्थ समझ में आया? अपने विचार अपने समूह में साझा कीजिए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए-
“दिये और तूफ़ान की यह कहानी
चली आ रही और चलती रहेगी,
जली जो प्रथम बार लौ दीप की
स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी।
रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि
कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा।”
उत्तर –
अर्थ:
“दिये और तूफ़ान की यह कहानी चली आ रही और चलती रहेगी”:
यह पंक्ति बताती है कि दिये और तूफ़ान की लड़ाई, जो प्रतीकात्मक रूप से संघर्ष और आत्मविपरीतता का प्रतिनिधित्व करती है, यह एक पुरानी कहानी है और यह भविष्य में भी चलती रहेगी। यह जीवन के संघर्षपूर्ण पहलुओं को दर्शाती है।
“जली जो प्रथम बार लौ दीप की स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी”:
यहाँ दीप की लौ की चमक को स्वर्ण के समान बताया गया है, जो पहली बार जलने के बाद भी स्थायी और उज्ज्वल रहती है। यह संकेत करता है कि एक बार स्थापित किए गए अच्छे कार्य या सच्चाई का प्रकाश समय के साथ भी कायम रहता है।
“रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा”:
इस पंक्ति का अर्थ है कि अगर धरती पर एक भी दीप जलता रहे, तो अंधेरे (रात) के समाप्त होने की संभावना बनी रहती है। यह आशा और उम्मीद की बात करती है कि एक छोटा सा प्रकाश भी अंधेरे को दूर कर सकता है और जीवन में उजाला ला सकता है।
कविता को एक बार फिर से पढ़िए, पता लगाइए और अपनी लेखन पुस्तिका में लिखिए—
(क) कविता में अँधेरे या तिमिर के लिए किन वस्तुओं के उदाहरण दिए गए हैं?
उत्तर:
– अमावस
– निशा
– तिमिर की सरिता
(ख) यह कविता आशा और उत्साह जगाने वाली कविता है। इसमें क्या आशा की गई है? यह आशा क्यों की गई है?
उत्तर:
कविता “जलाते चलो ये दिये” में आशा और उत्साह की भावना उभरती है। इसमें आशा की गई है कि चाहे जितने भी अंधकार और कठिनाइयाँ आएँ, हमें हमेशा अपने प्रयासों को जारी रखना चाहिए। कवि ने यह विश्वास प्रकट किया है कि अंततः एक दिन उजाला अवश्य आएगा और दुनिया में बदलाव होगा।यह आशा इसलिए की गई है क्योंकि जीवन में संघर्ष और बाधाएँ सामान्य हैं, लेकिन निरंतर प्रयास और सकारात्मकता से ही अंधकार दूर किया जा सकता है।
(ग) कविता में किसे जलाने और किसे बुझाने की बात कही गई है?
उत्तर:
कविता में दीयों को जलाने और बुझाने की बात कही गई है। कविता में “दिये जलाने” का अर्थ है आशा और सकारात्मकता फैलाना, जबकि “अंधकार को बुझाने” का मतलब है निराशा को समाप्त करना।
स्तंभ 1 और स्तंभ 2 में कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। मिलते-जुलते भाव वाली पंक्तियों को रेखा खींचकर जोड़िए
उत्तर
| स्तंभ 1 | स्तंभ 2 |
| कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा। | विश्व की समस्याओं से एक न एक दिन छुटकारा अवश्य मिलेगा। |
| जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर। | दूसरों के सुख-चैन के लिए प्रयास करते रहिए। |
| मगर विश्व पर आज क्यों दिवस ही में घिरी आ रही है अमावस निशा-सी। | विश्व में सुख-शांति क्यों कम होती जा रही है? |
| बिना स्नेह विद्युत-दिये जल रहे जो बुझाओ इन्हें, यों न पथ मिल सकेगा। | विश्व की भलाई का ध्यान रखे बिना प्रगति करने से कोई लाभ नहीं होगा। |
अपने समूह में मिलकर चर्चा कीजिए
(क) “दिये और तूफान की यह कहानी
चली आ रही और चलती रहेगी”
दीपक और तूफ़ान की यह कौन-सी कहानी हो सकती है जो सदा से चली आ रही है?
उत्तर
“दीपक और तूफान” की यह कहानी जीवन के संघर्ष की कहानी है। दीपक रोशनी और अच्छाई का प्रतीक है, जबकि तूफान कठिनाइयों और मुसीबतों का। यह कहानी इस बात का प्रतीक है कि चाहे कितनी भी मुश्किलें आएं, हमें हार नहीं माननी चाहिए और अपने उद्देश्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए। यह संघर्ष की कहानी हमेशा से चली आ रही है और आगे भी चलती रहेगी।
(ख) “जली जो प्रथम बार लौ दीप की
स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी”
दीपक की यह सोने जैसी लौ क्या हो सकती है जो अनगिनत सालों से जल रही है?
उत्तर
दीपक की सोने जैसी यह लौ सच्चाई, ज्ञान, और अच्छाई का प्रतीक हो सकती है, जो बहुत सालों से जलती आ रही है। यह लौ वह रोशनी है जो हमेशा से लोगों को सही रास्ता दिखाती आई है और आगे भी जलती रहेगी। यह इंसान की उम्मीद, विश्वास, और मानवता की निशानी है, जो कभी खत्म नहीं होती।
“कि जिससे अमावस बने पूर्णिमा-सी”
‘अमावस’ का अर्थ है ‘अमावस्या’। इन दोनों शब्दों का अर्थ तो समान है लेकिन इनके लिखने-बोलने में थोड़ा-सा अंतर है। ऐसे ही कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं। इनसे मिलते-जुलते दूसरे शब्द कविता से खोजकर लिखिए। ऐसे ही कुछ अन्य शब्द आपस में चर्चा करके खोजिए और लिखिए।
1. दिया ______
2. उजेला ______
3. अनगिन _____
4. ______
5. _____
6. _______
उत्तर:
1.) दिया – दिये
2.) उजेला – उजेला
3.) अनगीन – अनगिनत
4.) सरित – सरिता
5.) यों – ऐसे
6.) स्वर्ण – सोना
(क) “जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर”
इस पंक्ति में ‘चलो’ के स्थान पर ‘रहो’ शब्द रखकर पढ़िए। इस शब्द के बदलने से पंक्ति के अर्थ में क्या अंतर आ रहा है? अपने समूह में चर्चा कीजिए।
उत्तर –
“जलाते रहो ये दिये स्नेह भर-भर”
“जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर” इसका अर्थ है की तुम एक ही दिया जलाकर रुक मत जाना। हमे स्नेह और प्रेम की भावना हमे सारे संसार में फैलानी है। इसीलिए हमे आगे बढ़ते रहना चाहिए।
(ख) कविता में प्रत्येक शब्द का अपना विशेष महत्व होता है। यदि वे शब्द बदल दिए जाएँ तो कविता का अर्थ भी बदल सकता है और उसकी सुंदरता में भी अंतर आ सकता है। नीचे कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं। पंक्तियों के सामने लगभग समान अर्थों वाले कुछ शब्द दिए गए हैं। आप उनमें से वह शब्द चुनिए, जो उस पंक्ति में सबसे उपयुक्त रहेगा-
1.) बहाते चलो ………………………… तुम वह निरंतर (नैया, नाव, नौका)
कभी तो तिमिर का …………………….. मिलेगा।। (तट, तीर, किनारा)
2.) रहेग………………….. पर दिया एक भी यदि (धरा, धरती, भूमि)
कभी तो निशा को ……………….. मिलेगा। (प्रातः, सुबह, सवेरा)
3.) जला दीप पहला तुम्हीं ने.) ………………… की (अंधकार, तिमिर, अँधेरे)
चुनौती ………………………. बार स्वीकार की थी। (प्रथम, अव्वल, पहली)
उत्तर –
1.) बहाते चलो नाव तुम वह निरंतर
कभी तो तिमिर का किनारा मिलेगा।
– नाव और किनारा
2.) धरा पर दिया एक भी यदि
कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा।
– धरा और सवेरा
3.) जला दीप पहला तुम्हीं ने तिमिर की
चुनौती प्रथम बार स्वीकार की थी।
– तिमिर और प्रथम
(क) “कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा ”
निशा का अर्थ है— रात।
सवेरा का अर्थ है— सुबह ।
आपने अनुभव किया होगा कि कविता में इन दोनों शब्दों का प्रयोग ‘रात’ और ”सुबह’ ‘के लिए नहीं किया गया है। अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि ‘निशा’ और ‘सवेरा’ का इस कविता में क्या-क्या अर्थ हो सकता है।
(संकेत— निशा से जुड़ा है ‘अँधेरा’ और सवेरे से जुड़ा है ‘उजाला’)
उत्तर:
(क) निशा (अर्थात अँधेरा):
यह जीवन में आने वाली कठिनाइयों, संघर्ष, और समस्याओं का प्रतीक हो सकता है।
यह निराशा, दुख, या जीवन में आने वाली कठिन घड़ियों का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है।
सवेरा (अर्थात उजाला):
यह उम्मीद, नई शुरुआत, और सकारात्मकता का प्रतीक हो सकता है।
यह सफलता, समाधान, और जीवन में आने वाली खुशियों का भी संकेत कर सकता है।
(ग) अपने समूह में मिलकर ‘निशा’ और ‘सवेरा’ के लिए कुछ और शब्द सोचिए और लिखिए।
निशा – अंधेरा, अमावस, तिमिर, पूर्णिमा, दिये
सवेरा – ज्योति, उजेला, लौ,
“घिरी आ रही है अमावस निशा-सी
स्वर्ण-सी जल रही और जलती रहेगी”
इन पंक्तियों में कुछ शब्दों के नीचे रेखा खिंची है। इनमें ‘सी’ शब्द पर ध्यान दीजिए। यहाँ ‘सी’ शब्द समानता दिखाने के लिए प्रयोग किया गया है। ‘सा/सी/से’ का प्रयोग जब समानता दिखाने के लिए किया जाता है तो इनसे पहले योजक चिह्न (-) का प्रयोग किया जाता है।
अब आप भी विभिन्न शब्दों के साथ ‘सा / सी / से’ का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से पाँच वाक्य अपनी लेखन-पुस्तिका में लिखिए।
उत्तर:
‘सा/सी/से’ का प्रयोग समानता दर्शाने के लिए किया जाता है। इस प्रकार के वाक्य निम्नलिखित हैं:
उसकी मुस्कान चाँदनी-सी प्यारी थी।
यह लड़का शेर-सा साहसी है।
उसकी आवाज़ संगीत-सी मधुर है।
वह बच्चा मोतियों-से चमकते दांतों वाला है।
तुम्हारी बातें शहद-सी मीठी हैं।
(क) “रहेगा धरा पर दिया एक भी यदि कभी तो निशा को सवेरा मिलेगा” यदि हर व्यक्ति अपना कर्तव्य समझ ले और दूसरों की भलाई के लिए कार्य करे तो पूरी दुनिया सुंदर बन जाएगी। आप भी दूसरों के लिए प्रतिदिन बहुत-से अच्छे कार्य करते होंगे। अपने उन कार्यों के बारे में बताइए।
उत्तर:
पानी की बचत।
पेड़-पौधे लगाना।
दूसरों की मदद।
बूढ़े – बुजुर्ग लोगों की मदद
(ख) इस कविता में निराश न होने, चुनौतियों का सामना करने और सबके सुख के लिए कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया है। यदि आपको अपने किसी मित्र को निराश न होने के लिए प्रेरित करना हो तो आप क्या करेंगे? क्या कहेंगे? अपने समूह में बताइए।
उत्तर:
हम हमारे मित्र को समझाएंगे की जीवन सुख दुःख, हार जीत चलती ही रहती है। इससे हमे परेशान नहीं होना है। जो भी हुआ उससे तुमने सिख ले ली है। अब आगे के बारे में सोचो। तुम्हारी तकलीफ हमे बताओ। हम उस परेशानी का हल सोचेंगे। तुम्हे मदद भी करेंगे।
(ग) क्या आपको कभी किसी ने कोई कार्य करने के लिए प्रेरित किया है? कब? कैसे? उस घटना के बारे में बताइए।
उत्तर:
मेरी मां ने हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। वह कहती हैं कि हमेशा आगे बढ़ना चाहिए। बीती हुई घटनाओं से कुछ सीखो और आगे बढ़ो। मुझे खेल की प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था। लेकिन मुझे डर भी बहुत लग रहा था। तब मेरी मां ही है जिसने मुझे प्रोत्साहित किया। उसने कहा की निराश मत होना हार, जीत तो चलता ही रहता है। लेकिन डर की वजह से खेल में शामिल ही ना होना यह गलत बात है। तुम हिस्सा लो और आज से खेल की तैयारी करनी शुरू करो।
आपने तिथिपत्र (कैलेंडर) अवश्य देखा होगा। उसमें साल के सभी महीनों की तिथियों की जानकारी दी जाती है।
नीचे तिथिपत्र के एक महीने का पृष्ठ दिया गया है। इसे ध्यान से देखिए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) दिए गए महीने में कुल कितने दिन हैं?
दिए गए महीने में कुल इकतीस दिन हैं
(ख) पूर्णिमा और अमावस्या किस दिनाँक और वार को पड़ रही है?
पूर्णिमा 6 जनवरी और अमावस्या 21 जनवरी को पद रही है।
(ग) कृष्ण पक्ष की सप्तमी और शुक्ल पक्ष की सप्तमी में कितने दिनों का अंतर है?
कृष्ण पक्ष की सप्तमी और शुक्ल पक्ष की सप्तमी में पंद्रह दिनों का अंतर है।
(घ) इस महीने में कृष्ण पक्ष में कुल कितने दिन हैं?
इस महीने में कृष्ण पक्ष में कुल पंद्रह दिन हैं?
(ङ) ‘वसंत पंचमी’ की तिथि बताइए।
वसंत पंचमी’ की तिथि 26 जनवरी है।
समय साक्षी है कि जलते हुए दीप अनगिन तुम्हारे पवन ने बुझाए।
‘पवन’ शब्द का अर्थ है हवा।
नीचे एक अक्षर-जाल दिया गया है। इसमें ‘पवन’ के लिए उपयोग किए जाने वाले अलग-अलग नाम या शब्द छिपे हैं। आपको उन्हें खोजकर उन पर घेरा बनाना है, जैसा एक हमने पहले से बना दिया है। देखते हैं, आप कितने सही नाम या शब्द खोज पाते हैं।
उत्तर:
मारूत
वात
समिर
वायु
पवन
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