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नवमः पाठः- कोऽरुक् ? कोऽरुक् ? कोऽरुक् ? (कौन रुका? कौन रुका? कौन रुका?)

अभ्यासात् जायते सिद्धिः

१. अधोलिखितान् प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरत | (नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में दीजिए।)

(क) शुकरूपं कः धृतवान्? (तोते का रूप किसने धारण किया?)

उत्तरम् – धन्वन्तरिः (भगवान धन्वंतरि ने।)

(ख) धन्वन्तरिः (शुकः) कुत्र उपविश्य ध्वनिम् अकरोत्? (धन्वंतरि (तोता) कहाँ बैठकर आवाज़ करने लगा?)

उत्तरम् – वृक्षे (वृक्ष पर।)

(ग) अन्ते शुकः कस्य आश्रमस्य समीपं गतवान्? (अंत में वह तोता किसके आश्रम के पास गया?)

उत्तरम् – वाग्भटस्य (वाग्भट के आश्रम के पास।)

(घ) ऋतवः कति सन्ति? (ऋतुएँ कितनी होती हैं?)

उत्तरम् – षट् (छह ऋतुएँ।)

(ङ) वाग्भटः शुकस्य रहस्यं केभ्यः उक्तवान्? (वाग्भट ने तोते का रहस्य किसे बताया?)

उत्तरम् – शिष्येभ्यः (शिष्यों को।)

२. पट्टिकातः उचितानि पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत – (सूची से उचित शब्द चुनकर रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।)

चरकस्य, कुटीरसमीपं, भारतवर्षे, आयुर्वेदज्ञानेन, अतिमात्रं

(क) भारतवर्षे जनाः कथं निरामयाः भवन्ति? (भारतवर्ष में लोग कैसे निरोग रहते हैं?)

(ख) अन्ते सः वैद्यस्य वाग्भटस्य कुटीरसमीपं गतवान्। (अंत में वह वैद्य वाग्भट के आश्रम के पास गया।)

(ग) तव उत्कृष्टेन आयुर्वेदज्ञानेन अहम् अतीव सन्तुष्टः अस्मि। (तुम्हारे उत्कृष्ट आयुर्वेद ज्ञान से मैं अत्यंत संतुष्ट हूँ।)

(घ) महर्षेः चरकस्य नाम भवन्तः श्रुतवन्तः स्युः। (तुमने महर्षि चरक का नाम अवश्य सुना होगा।)

(ङ) लघुद्रव्याणि अतिमात्रं सेवनेन हानिकराणि जायन्ते। (हल्के पदार्थ भी यदि अधिक मात्रा में खाए जाएँ तो हानिकारक हो जाते हैं।)

३. अधोलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखत – (नीचे दिए गए प्रश्नों के पूर्ण वाक्यों में उत्तर लिखिए।)

(क) मधुरां वाणीं श्रुत्वा चिकित्सानिरतः वाग्भटः किम् अकरोत्? (मधुर आवाज सुनकर वैद्य वाग्भट ने क्या किया?)

उत्तरम् – मधुरां वाणीं श्रुत्वा वाग्भटः प्राङ्गणम् आगत्य सर्वासु दिक्षु अपश्यत्। (मधुर आवाज़ सुनकर वाग्भट आँगन में आए और सभी दिशाओं में देखने लगे।)

(ख) वाग्भटः झटिति किम् अकरोत्? (वाग्भट ने तुरंत क्या किया?)

उत्तरम् – वाग्भटः झटिति तस्मै विहगाय मधुराणि फलानि समर्पितवान्। (वाग्भट ने तुरंत उस पक्षी को मीठे फल अर्पित किए।)

(ग) छात्राः पुनः जिज्ञासया आचार्यं किम् अपृच्छन्? (छात्रों ने फिर जिज्ञासा से आचार्य से क्या पूछा?)

उत्तरम् – छात्राः पुनः आचार्यं अपृच्छन् – “हितभुक्, मितभुक्, ऋतुभुक् इति – एतेषां कः आशयः?” (छात्रों ने फिर आचार्य से पूछा – “हितभुक्, मितभुक्, ऋतुभुक् — इनका क्या अभिप्राय है?”)

(घ) भगवान् धन्वन्तरिः अस्माकं कृते संक्षेपेण किं प्रदत्तवान्? (भगवान धन्वंतरि ने हमारे लिए संक्षेप में क्या दिया?)

उत्तरम् – भगवान् धन्वन्तरिः अस्माकं कृते स्वास्थ्यरक्षणाय सूत्ररूपेण सन्देशम् दत्तवान्। (भगवान धन्वंतरि ने हमारे लिए स्वास्थ्य रक्षा हेतु संक्षेप में सूत्र रूप में संदेश प्रदान किया।)

(ङ) ऋषयः नित्यं कां प्रार्थनां कुर्वन्ति? (ऋषिगण प्रतिदिन कौन-सी प्रार्थना करते हैं?)

उत्तरम् – ऋषयः नित्यं “सर्वे भवन्तु सुखिनः…” इत्यादि प्रार्थनां कुर्वन्ति। (ऋषिगण प्रतिदिन “सभी सुखी हों…” जैसी प्रार्थना करते हैं।)

४. पाठात् यथोचितानि विशेषणपदानि विशेष्यपदानि वा चिन्त्वा रिक्तस्थानानि पूरयत – (पाठ से उचित विशेषण शब्द या विशेष्य शब्द सोचकर रिक्त स्थान भरें।)

विशेषणम् (विशेषण)विशेष्यम् (जिसकी विशेषता है)हिंदी अर्थ
विविधनाम्व्याधीनाम्विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ
मनोहरम्शुकरूपम्सुंदर तोते का रूप
विशालेप्राङ्गणेविशाल आँगन में
चिकित्सानिरतःवाग्भटःचिकित्सा में तल्लीन वाग्भट
मधुराणिफलानिमीठे फल
सुप्रसिद्धस्यवैद्यस्यप्रसिद्ध वैद्य का
महर्षेःचरकस्यमहर्षि चरक का
आयुर्वेदविद्वैद्याःआयुर्वेद जानने वाले वैद्य
प्रख्यातस्यवृक्षेप्रसिद्ध वृक्ष पर
मधुरावाणीम्मधुर वाणी
लौकिकःउत्तरम्सामान्य उत्तर
समुचितम्खगःउचित पक्षी
आयुर्वेदज्ञस्यशिष्याःआयुर्वेद संबंधी शिक्षा
सात्त्विकम्भोजनम्सात्त्विक आहार

५. पाठं पठित्वा अधोलिखितपट्टिकातः पदानि चित्वा उचितसञ्चिकायां पूरयत – (पाठ पढ़कर नीचे दी गई सूची से शब्दों को चुनकर उचित स्थान पर भरें।)

लौकिकः, व्याधीनाम्, देवः, वृक्षे, त्रीणि, उत्तमस्य, वाणीम्, विस्मितः,

मधुरया, प्रश्नान्, पूज्यः, खगः, विशाले, शुकम्, वाग्भटः

विशेषणपदानि (Adjectives)विशेष्यपदानि (Nouns)हिंदी अर्थ
लौकिकः (सांसारिक)व्याधीनाम् (बीमारियों का / रोगों का)सांसारिक बीमारियाँ / रोग
मधुरया (मधुर / मीठी)वाणीम् (वाणी / भाषा / शब्द)मधुर वाणी
विस्मितः (चकित / आश्चर्यचकित)वाग्भटः (वाग्भट – विद्वान वैद्य)चकित वाग्भट
उत्तमस्य (श्रेष्ठ का / उत्तम का)देवः (भगवान / देवता)श्रेष्ठ देव
पूज्यः (पूजनीय / सम्माननीय)शुकम् (तोता)पूजनीय तोता
विशाले (विशाल / बड़ा)वृक्षे (वृक्ष में / पेड़ में)विशाल वृक्ष में
त्रीणि (तीन)प्रश्नान् (प्रश्न / सवाल)तीन प्रश्न
खगः (पक्षी)(सामान्य पक्षी / विहंग)पक्षी / विहंग

६. अधोलिखितानि वाक्यानि पठित्वा तेन सम्बद्धं श्लोकं पाठात् चित्वा लिखत  (नीचे दिए गए वाक्यों को पढ़कर, उससे संबंधित श्लोक पाठ से चुनकर लिखो।)

(क) अस्माभिः नित्यं व्यायामः, स्नानं, दन्तधावनं, बुभुक्षायाञ्च भोजनं कर्तव्यम्। (हमें प्रतिदिन व्यायाम, स्नान, दाँतों की सफाई और भूख लगने पर भोजन करना चाहिए।)

उत्तरम् :

अस्माभिः नित्यकाले व्यायामः, स्नानम्, दन्तधावनं च कर्तव्यं, बुभुक्षायां भोजनं च आवश्यकं। (हमें प्रतिदिन व्यायाम, स्नान, दाँतों की सफाई करनी चाहिए और केवल भूख लगने पर भोजन करना चाहिए।)

(ख) अस्माभिः हितकरः आहारः सेसे वनीयः येन विकाराणां शमनं स्वास्थ्यस्य च रक्षणं भवेत्। (हमें ऐसा लाभकारी भोजन करना चाहिए जिसरोग दूर हों और स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।)

उत्तरम् :
येन विकाराणां शमनं स्वास्थ्यस्य च रक्षणं भवति, तादृशः हितकरः आहारः अस्माभिः सेवनीयः। (हमें वही आहार ग्रहण करना चाहिए जिससे रोगों का नाश हो और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।)

(ग) ऋतोः अनुसारं भोजनेन बलस्य वर्णस्य च अभिवृद्धिः भवति। (ऋतु के अनुसार भोजन करने से बल और रंग (तेज) की वृद्धि होती है।)

उत्तरम् :
ऋतूनां अनुसारं भोजनं कुर्वन् जनः बलवर्णयोः अभिवृद्धिं प्राप्नोति। (जो व्यक्ति ऋतु के अनुसार भोजन करता है, उसमें बल और वर्ण (तेज) की वृद्धि होती है।)


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