अभ्यासात् जायते सिद्धिः
१. पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत –
(पाठ के आधार पर नीचे लिखे गए प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखो।)
(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये कीदृशी प्रौद्योगिकी प्रयुक्ता अस्ति?
हिंदी: प्रधानमंत्री संग्रहालय में किस प्रकार की तकनीक का उपयोग किया गया है?
उत्तरम् – अद्यतनप्रौद्योगिकीः (अत्याधुनिक तकनीक)
(ख) हॉलोग्राम्-द्वारा कस्य भाषणं दृश्यते?
हिंदी: होलोग्राम के माध्यम से किसका भाषण दिखाई देता है?
उत्तरम् – प्रधानमन्त्रिणः (प्रधानमंत्री का)
(ग) कस्याः प्रभावः दैनन्दिनजीवने दृश्यते?
हिंदी: किसका प्रभाव दैनिक जीवन में देखा जाता है?
उत्तरम् – प्रौद्योगिक्याः (तकनीक का)
(घ) भारत-सर्वकारस्य महत्त्वाकाङ्क्षिणी योजना का अस्ति?
हिंदी: भारत सरकार की प्रमुख और महत्त्वाकांक्षी योजना कौन-सी है?
उत्तरम् – डिजिटलइण्डिया (डिजिटल इंडिया)
(ङ) ‘फास्टॅग्’ इत्यस्य उपयोगेन कस्य सङ्ग्रहणं भवति?
हिंदी: ‘फास्टैग’ के उपयोग से किसका संग्रह किया जाता है?
उत्तरम् – शुल्कस्य (टोल शुल्क का)
२. पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत –
(पाठ के आधार पर नीचे लिखे गए प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में लिखो।)
(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये काः डिजिटल प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति? (प्रधानमंत्री संग्रहालय में कौन-कौन सी डिजिटल तकनीकें प्रदर्शित की गई हैं?)
उत्तरम् – प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये होलोग्राम्, वर्धिता-वास्तविकता (AR), आभासीया-वास्तविकता (VR), कृत्रिमबुद्धिः (AI), संवादयन्त्रं, डिजिटल्-प्रक्षेपणं च इत्यादयः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति।
(प्रधानमंत्री संग्रहालय में होलोग्राम, संवर्धित वास्तविकता (AR), आभासी वास्तविकता (VR), कृत्रिम बुद्धि (AI), संवाद यंत्र और डिजिटल प्रक्षेपण जैसी अत्याधुनिक तकनीकें प्रदर्शित की गई हैं।)
(ख) जनाः किमर्थं साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति? (लोग साइबर अपराधों से क्यों पीड़ित होते हैं?)
उत्तरम् – जनाः प्रायः लोभात् भयात् वा साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति। (लोग प्रायः लालच या डर के कारण साइबर अपराधों से प्रभावित होते हैं।)
(ग) यशिका ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं कथं करोति? (यशिका ‘डिजी-लॉकर’ का उपयोग किस प्रकार करती है?)
उत्तरम् – यशिका ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं आधारपत्रस्य विद्यालयीयप्रमाणपत्रस्य च सुरक्षितसंग्रहणाय करोति। (यशिका ‘डिजी-लॉकर’ का उपयोग आधार कार्ड और स्कूल प्रमाणपत्र को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करने के लिए करती है।)
(घ) डिजिटल भारतस्य वित्तीयसमावेशने काः योजनाः सन्ति? (डिजिटल भारत में वित्तीय समावेशन के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ हैं?)
उत्तरम् – डिजिटल भारतस्य वित्तीयसमावेशने ‘यूपीआई’, ‘रूपे-कार्ड्’, ‘जनधनयोजना’, ‘ई-रूपी’ इत्यादयः योजनाः सन्ति। (डिजिटल भारत में वित्तीय समावेशन के लिए यूपीआई, रूपे कार्ड, जनधन योजना और ई-रूपी जैसी योजनाएँ उपलब्ध हैं।)
(ङ) डिजिटल-भारते शिक्षायाः क्षेत्रे केषां पटलानाम् उपयोगः करणीयः? (डिजिटल भारत में शिक्षा के क्षेत्र में किन-किन प्लेटफार्मों का उपयोग किया जाना चाहिए?)
उत्तरम् – डिजिटल-भारते शिक्षायाः क्षेत्रे ‘दीक्षा’, ‘स्वयम्’, ‘स्वयं-प्रभा’, ‘ई-पाठशाला’, ‘भारतीय-राष्ट्रीय-डिजिटल्-पुस्तकालयः’, ‘निष्ठा’, ‘पीएम्-ई-विद्या’ इत्यादीनां पटलानाम् उपयोगः करणीयः। (डिजिटल भारत में शिक्षा के क्षेत्र में दीक्षा, स्वयं, स्वयं-प्रभा, ई-पाठशाला, राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय, निष्ठा और पीएम ई-विद्या जैसे प्लेटफार्मों का उपयोग करना चाहिए।)
(च) ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल-सेवानां समस्या कथं निराकर्तुं शक्यते? (ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की समस्याओं का समाधान किस प्रकार किया जा सकता है?)
उत्तरम् – ग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल-सेवानां समस्या अन्तर्जालस्य उत्तरोत्तरविस्तारेण निराकर्तुं शक्यते (ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की समस्याओं का समाधान इंटरनेट के लगातार विस्तार के माध्यम से किया जा सकता है।)
३. अधः दत्तान् शब्दान् सम्यक् संयोजयत –
(नीचे दी गई शब्द-सूची (शब्दकोश) में से उचित शब्द चुनकर खाली स्थानों को भरिए।)

उत्तरम्-
| क्रमः | शब्दः | संयोजनीयः शब्दः | हिंदी अनुवाद |
|---|---|---|---|
| क. | होलोग्रामः | प्रधानमन्त्रिणः भाषणस्य त्रैवेम-प्रतिबिम्बरूपेण दर्शनम् | होलोग्राम के माध्यम से प्रधानमंत्री का त्रि-आयामी चित्र वास्तविक रूप में दिखाई देता है। |
| ख. | यूपीआय (UPI) | शीघ्रं, सुरक्षितं, सुलभं च डिज़िटल्-धनदेय-प्रत्यर्पणम् | यूपीआई एक त्वरित, सुरक्षित और आसान डिजिटल भुगतान प्रणाली है। |
| ग. | डिजिटल-लॉकः | डिज़िटल-प्रमाणपत्रस्य सुरक्षितसंग्रहणाय उपयुक्तः साधनम् | डिजी-लॉकर डिजिटल प्रमाणपत्रों को सुरक्षित रूप से संग्रहित करने का उपयोगी माध्यम है। |
| घ. | फास्टैग् (FASTag) | राजमार्गे स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं संग्रहणम् | फास्टैग से राजमार्गों पर टोल टैक्स स्वतः और त्वरित रूप से संग्रहित किया जाता है। |
| ङ. | वीआर् (VR) | आभासीया-वास्तविकताया: अनुभवाय प्रयुक्तं यन्त्रम् | वीआर (वर्चुअल रियलिटी) एक उपकरण है जो आभासी वास्तविकता का अनुभव कराता है। |
४.
उत्तरम्-
(क) प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये हॉलोग्राम्-द्वारा प्रधानमन्त्रिणः भाषणं दृश्यते।
(प्रधानमंत्री संग्रहालय में होलोग्राम के माध्यम से प्रधानमंत्री का भाषण वास्तविक रूप में देखा जा सकता है।)
(ख) डिजिटल्-भारतस्य आर्थिकसमावेशनं सुगमं कर्तुं यूपीआय् प्रणाली अस्ति।
(डिजिटल भारत में आर्थिक समावेशन को सरल और त्वरित बनाने के लिए यूपीआई प्रणाली उपलब्ध है।)
(ग) डिजिटल्-शासनं स्वचालितं पारदर्शकं च सेवां प्रददाति।
( डिजिटल शासन स्वचालित और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करता है, जिससे सेवाएं सुगम हो जाती हैं।)
(घ) डिजिटल-भारतस्य शिक्षाक्षेत्रे दीक्षा नाम डिजिटल्-शैक्षिकमञ्चः अस्ति।
( डिजिटल भारत के शिक्षा क्षेत्र में ‘दीक्षा’ नामक डिजिटल शैक्षिक मंच उपलब्ध है।)
(ङ) भारतस्य डिजिटल-परिवर्तनं सर्वाणि जीवन क्षेत्राणि स्पृशति।
( भारत का डिजिटल परिवर्तन जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रभाव डालता है।)
५. अधः अस्मिन् पाठे आगतानां शब्दानाम् आधारेण शब्दजालं प्रदत्तम् अस्ति। अत्र वामतः दक्षिणम् उपरितःअधः च आधारं कृत्वा उदाहरणानुसारं शब्दान् रेखाङ्कयत –
(नीचे दिए गए पाठ में आए शब्दों के आधार पर एक शब्द-जाल तैयार किया गया है। इसमें बाएँ से दाएँ और ऊपर से नीचे शब्दों को खोजकर रेखांकित करें, जैसे उदाहरण में दिखाया गया है।)
उत्तरम्-
| कॉलम 1 | कॉलम 2 | कॉलम 3 |
|---|---|---|
| डिजीलॉकर | फास्टैग | स्वयंप्रभा |
| यूपीआई | फास्टग | ज्ञानम् |
| दीक्षा | विज्ञानम् | डिजिटल् |
| कृत्रिमबुद्धिः | प्रशासनम् | आधारम् |
| व्यवस्था | स्वयं | नाम |
| शासनम् | प्रौद्योगिकी | वास्तविकता |
| शैक्षिकम् |
६. अधोलिखितान् शब्दान् वर्गद्वये विभजत – सङ्गणकसम्बद्धाः, असङ्गणकसम्बद्धाः च –
(नीचे दी गई शब्द-सूची (शब्दकोश) में से उचित शब्द चुनकर खाली स्थानों को भरिए।)
(शब्दाः – अन्तर्जालम्, शिक्षिका, सङ्गणकः, विद्यालयः, ई-पत्रम्, पाठ्यपुस्तकम्, डिजिटल, लेखनी)
उत्तरम्-
| सङ्गणकसम्बद्धाः (कम्प्यूटर से संबंधित शब्द) | असङ्गणकसम्बद्धाः (कम्प्यूटर से असंबंधित शब्द) |
|---|---|
| अन्तर्जालम् (इंटरनेट) | शिक्षिका (शिक्षिका) |
| सङ्गणकः (कंप्यूटर) | विद्यालयः (विद्यालय) |
| ई-पत्रम् (ई-पत्र) | पाठ्यपुस्तकम् (पाठ्यपुस्तक) |
| डिजिटल (डिजिटल) | लेखनी (लेखनी) |
७. अधोलिखितानि वाक्यानि पठित्वा शुद्धं (✓) अशुद्धं (✗) वा इति चिह्नीकुरुत –
(नीचे लिखे गए वाक्यों को पढ़कर शुद्ध (✓) अथवा अशुद्ध (✗) के रूप में चिह्न लगाइए।)
(क) हॉलोग्राम् कृत्रिमबुद्धेः एकः प्रकारः अस्ति। ✗
हिंदी: हॉलोग्राम कृत्रिम बुद्धि का एक प्रकार है। ✗ (गलत)
(ख) वर्धित-वास्तविकतायाः उपयोगिता ऐतिहासिक-घटनानां प्रत्यक्षानुभवाय। ✓
हिंदी: संवर्धित वास्तविकता का उपयोग ऐतिहासिक घटनाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराने के लिए होता है। ✓ (सही)
(ग) डिजिटल – प्रक्षेपण – मानचित्रं भारतस्य विकासयात्रां प्रदर्शयति। ✓
हिंदी: डिजिटल प्रक्षेपण मानचित्र भारत की विकास यात्रा को दर्शाता है। ✓ (सही)
(घ) फ़ास्टॅग् इति राजमार्गेषु स्वचालितविधिना मार्गशुल्कस्य शीघ्रं संग्रहणं करोति। ✓
हिंदी: फास्टैग से राजमार्गों पर टोल शुल्क का स्वतः और त्वरित संग्रह होता है। ✓ (सही)
(ङ) डिजी-लॉकर् इत्यस्य माध्यमेन केवलम् आधार-पत्रं सुरक्षितुं शक्यते। ✗
हिंदी: डिजी-लॉकर से केवल आधार-पत्र ही नहीं, अन्य प्रमाणपत्र भी सुरक्षित रखे जा सकते हैं। ✗ (गलत)
(छ) भारतस्य डिजिटल-परिवर्तनं केवलं शासने प्रभावं करोति, नागरिकजीवने न। ✗
हिंदी: भारत का डिजिटल परिवर्तन केवल शासन में नहीं, नागरिक जीवन में भी प्रभाव डालता है। ✗ (गलत)
(छ) उमङ्ग, माय्-गव्, जेम् इत्यादयः ई-शासन-मञ्चाः सन्ति। ✓
हिंदी: उमंग, माय-गव, जेम आदि ई-शासन मंच हैं। ✓ (सही)
८. अव्यवस्थितान् वर्णान् शब्ददृष्ट्या व्यवस्थितरूपेण लिखत –
(अव्यवस्थित अक्षरों को शब्द की दृष्टि से व्यवस्थित रूप में लिखो)
उदाहरणम् – वेयवित्तीसमानशम् = वित्तीयसमावेशनम्
(क) कसङ्गम्ण = सङ्गणकम् (कंप्यूटर)
हिंदी: कसङ्गम्ण को सही रूप में सङ्गणक कहा जाता है।
(ख) कार्वसरः = सरकारः (सरकार)
हिंदी: कार्वसरः का सही रूप सरकारः है।
(ग) लयः विद्या = शिक्षालयः (विद्यालय)
हिंदी: लयः विद्या का सही रूप शिक्षालयः है।
(घ) जिकडिलॉर = डिजीलॉकरः (डिजीलॉकर)
हिंदी: जिकडिलॉर को सही रूप में डिजीलॉकरः कहा जाता है।
(ङ) शक्तसुम् = पुस्तकः (पुस्तक)
हिंदी: शक्तसुम् का सही रूप पुस्तकः है।
९. अधोलिखितं परिच्छेदं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत –
(नीचे दिए गए अनुच्छेद को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।)
अद्यतने विज्ञानयुगे सर्वे मनुष्याः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्याः प्रयोगं कुर्वन्ति। जनाः अन्तर्जालस्य, सचलदूरवाण्याः, सङ्गणकस्य च साहाय्येन शीघ्रं कार्याणि सम्पादयन्ति। विद्यार्थिनः अपि
ई-अधिगम-प्रणालीं स्वीकृत्य ज्ञानं वर्धयन्ति ।
(आधुनिक विज्ञान युग में सभी लोग डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं। इंटरनेट, मोबाइल फोन और कंप्यूटर की मदद से वे अपने कार्य तेजी से पूरा करते हैं। विद्यार्थी भी ई-लर्निंग प्रणाली का उपयोग करके अपने ज्ञान को बढ़ाते हैं।)
प्रश्नाः-
(क) अद्यतनं युगं कीदृशम् अस्ति ? (वर्तमान युग कैसा युग है?)
उत्तर – अद्यतनं युगं विज्ञानयुगं अस्ति। (वर्तमान युग विज्ञान का युग है।)
(ख) मानवाः केषां साहाय्येन कार्याणि शीघ्रं कुर्वन्ति ? (मनुष्य किनकी सहायता से कार्यों को जल्दी पूरा करता है?)
उत्तर – मानवाः अन्तर्जालस्य, सचलदूरवाण्याः, सङ्गणकस्य च साहाय्येन कार्याणि शीघ्रं कुर्वन्ति। (मनुष्य इंटरनेट, मोबाइल और कंप्यूटर की मदद से अपने कार्य जल्दी पूरा करता है।)
(ग) ई-अधिगम-प्रणाल्याः प्रयोगं के कुर्वन्ति ? (ई-लर्निंग प्रणाली का उपयोग कौन करता है?)
उत्तर– विद्यार्थिनः ई-अधिगम-प्रणाल्याः प्रयोगं कुर्वन्ति। (विद्यार्थी ई-लर्निंग प्रणाली का लाभ उठाते हैं।)